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कुरुक्षेत्र : गाली-गलौज करने पर पुलिसकर्मियों ने की थी पिटाई, बदला लेने की मंशा से लगाए थे कुकर्म के झूठे आरोप

संवाद न्यूज एजेंसी कुरुक्षेत्र/लाडवा। - डीएनए रिपोर्ट व लाई डिटेक्शन टेस्ट में आरोपों की नहीं हो पाई पुष्टि, एसआईटी ने भी सौंपी रिपोर्ट - बॉन कैंसर का दावा भी निकला झूठा, पीजीआई से नहीं मिला युवक से संबंधित कोई सुबूत थाना लाडवा में युवक के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित कुकर्म करने के आरोप एसआईटी की जांच में झूठे पाए गए। मुद्दई ने पुलिसकर्मियों द्वारा थाने में पिटाई करने पर बदला लेने की मंशा से कुकर्म के झूठे आरोप लगाए थे। एसआईटी की जांच में मुद्दई की थाने में पिटाई होने की पुष्टि हुई है, जिसमें पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जारी है। एसआईटी की जांच में सामने आया कि मुद्दई ने पूरी प्लानिंग बनाकर एक झूठी कहानी रची और अपनी बवासीर बीमारी का फायदा उठाते हुए चिकित्सकों के सामने पुलिसकर्मियों द्वारा थाने में कुकर्म करने के कारण ब्लीडिंग होने का दावा किया। एसआईटी द्वारा बोर्ड से मुद्दई का मेडिकल करवाने पर स्पष्ट हुआ कि उसे ब्लीडिंग बवासीर बीमारी की वजह से हुई है न कि कुकर्म के कारण। मेडिकल रिपोर्ट में कुकर्म की पुष्टि भी नहीं हुई थी। इसके बाद भी एसआईटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों व मुद्दई के कपड़ों व अन्य सैंपलों का डीएनए टेस्ट करवाया, जिसमें भी कुकर्म होने की पुष्टि नहीं हो पाई। जांच में सामने आया कि मुद्दई बॉन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी नहीं जूझ रहा है। उसने पूरे मामले में संवेदना एकत्रित करने के लिए खुद को बॉन कैंसर का मरीज बताया था। सोमवार को पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि मुद्दई को 17 जून को पुलिसकर्मियों ने शराब के नशे में ड्राइविंग करने पर बीएनएसएस की धारा 172 के तहत डीटेन किया गया था और पूरी रात हवालात में रखा गया था। आरोपी शराब के नशे में पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करने लगा। पुलिसकर्मियों के समझाने पर भी नहीं माना तो पुलिसकर्मियों ने उसे 10 मिनट के लिए हवालात से बाहर निकाला, जो थाने की सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है। एसपी ने बताया कि इस दौरान मुद्दई के साथ थाने में पिटाई होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद सुबह मुद्दई को उसके भाई के साथ घर भेज दिया गया था। उस रात मुद्दई को किसी तरह की कोई ब्लीडिंग नहीं हुई थी और न ही उसके कपड़ों पर खून पाया गया। जांच में सामने आया कि मुद्दई किसी भी प्रकार की कैंसर से नहीं जूझ रहा है। इसकी पुष्टि करने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ तक पुलिस ने रिकॉर्ड खंगाला, जिसमें मुद्दई का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। एसपी ने बताया कि मुद्दई ने चिकित्सकों को भी भ्रम में रखा। उसने पहले लाडवा अस्पताल में चिकित्सकों को कूल्हे में दर्द हाेने की बात कही थी, हालांकि उसका कूल्हा बदला हुआ है। वहीं कुछ देर बाद एलएनजेपी जिला नागरिक अस्पताल में उसने बताया कि उसके साथ कुकर्म हुआ और चिकित्सक के सामने अंडर गारमेंट भी दूसरे पेश किए थे। इसके बाद जब बोर्ड से मेडिकल करवाने की बात हुई तो मुद्दई मना करने लगा, लेकिन पुलिस ने जांच के लिए जरूरी होने के कारण उसका मेडिकल दोबारा बोर्ड से मेडिकल करवाया गया। एसपी ने बताया कि आरोपी पुलिसकर्मियों का भी मेडिकल करवाया गया, जिसमें आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई। वहीं इसके बाद भी पूरे मामले की जांच करने के लिए आरोपियों का लाई डिटेक्शन टेस्ट करवाया गया, जिसमें भी कुकर्म के आरोप झूठे पाए गए। बॉक्स मुद्दई ने लाई डिटेक्शन टेस्ट करवाने के लिए किया मना एसपी ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले की तहत तक जाने के लिए आरोपियों के लाई डिटेक्शन करवाने के बाद मुद्दई से भी टेस्ट करवाने के लिए कहा, लेकिन मुद्दई ने टेस्ट करवाने से मना कर दिया। पुलिस ने इसके बाद भी उन्हें कई बार पूछा कि अगर आपके आरोप सच्चे हैं तो टेस्ट करवाने में कोई दिक्कत नहीं है। वहीं उन्होंने बताया कि मुद्दई ने बोर्ड से भी दोबारा मेडिकल करवाने से मना कर दिया था, लेकिन पुलिस ने जांच के लिए जरूरी होने पर मुद्दई को बोर्ड से टेस्ट करवाया था। बॉक्स मुद्दई को भड़काने वालों की जा रही है पहचान एसपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि जब मुद्दई ने अपनी पिटाई का बदला लेने के लिए पूरे मामले को रचा तो उसमें कुछ असामाजिक तत्वाें ने मुद्दई को भ्रमित किया और पूरे मामले को गलत तरीके से पेश कर आरोपियों की छवि के साथ पुलिस की छवि खराब करने का काम किया है। पुलिस उनकी पहचान करने में जुटी हुई है। कुछ की पहचान हो चुकी है कुछ अभी पहचान जारी है। इन लोगों के खिलाफ भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुद्दई के खिलाफ भी जांच जारी है। पुलिस को भ्रमित करने के लिए व जांच में सहयोग ने करने की धाराओं में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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