हरियाणा की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को समर्पित 'रत्नावली फेस्टिवल 2025' का भव्य आगाज कल, 28 अक्टूबर से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में होगा। हरियाणवी संस्कृति का यह महाकुंभ पिछले चार दशकों से हरियाणा दिवस के अवसर पर आयोजित हो रहा है, जो न केवल युवाओं के हुनर को निखारता है, बल्कि बॉलीवुड और हरियाणवी इंडस्ट्री के लिए नए दरवाजे भी खोलता है। चार दिनों (28 से 31 अक्टूबर) तक 3,000 से अधिक कलाकार 6 मंचों पर 34 विधाओं में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जो राज्य भर के कॉलेजों से आएंगे। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित इस 37वें राज्य स्तरीय महोत्सव को हरियाणा की 400 वर्ष पुरानी लोक संस्कृति का जीवंत प्रतीक माना जाता है। कुलपति सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि फेस्टिवल में लोक नृत्य, संगीत, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और पारंपरिक कला के 50 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय भी उद्घाटन समारोह में शिरकत करेंगे, जहां हरियाणवी लोककला प्रदर्शनी का अवलोकन होगा। यह आयोजन न केवल कलाकारों के लिए मंच प्रदान करता है, बल्कि उन अनजान प्रतिभाओं को भी पहचान दिलाता है जो वर्षों से अपनी कला को सींच रहे हैं, लेकिन मुख्यधारा से वंचित हैं। कैथल जिले के आरकेएसडी कॉलेज और डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज जगदीशपुरा ने हमेशा इस फेस्टिवल में अग्रणी भूमिका निभाई है। कई बार इन कॉलेजों के छात्रों ने ओवरऑल ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है। इस बार भी कैथल के युवा जोशो-खरोश में तैयारी कर रहे हैं।