जींद। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शुक्रवार को उस समय माहौल गर्मा गया, जब इंतकाल में गड़बड़ी के आरोपी राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे शिकायतकर्ता ने मंत्री गौरव गौतम के सामने पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह का उदाहरण दे दिया। शिकायतकर्ता लाभ सिंह ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने से क्या होता है, इन अधिकारियों को सस्पेंड किया जाए। इस पर मंत्री ने कहा कि कार्रवाई एक प्रक्रिया के तहत होती है। शिकायतकर्ता ने पलटकर कहा कि एफआईआर तो खेल मंत्री संदीप सिंह पर भी हुई थी, उन्होंने कौन सा इस्तीफा दे दिया था। इस पर बैठक में मौजूद लोग हंसने लगे। मंत्री ने शिकायतकर्ता को मामले में आगे की कार्रवाई के लिए डीसी से मिलने की बात कही। रजाना निवासी लाभ सिंह ने नायब तहसीलदार रणबीर सिंह, कानूनगो सुरेश और पटवारी रविदत्त पर गलत तरीके से इंतकाल करने के आरोप लगाए थे। जांच में भी शिकायत सही पाई गई। पिछली बैठक में मंत्री ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद करीब एक सप्ताह पहले पिल्लूखेड़ा थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान लाभ सिंह ने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज करने से कार्रवाई पूरी नहीं होती, तीनों को निलंबित किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी रविदत्त आठ बार निलंबित हो चुका है, जबकि कानूनगो रिश्वत के मामले में रंगे हाथ पकड़ा गया था। नायब तहसीलदार के खिलाफ भी जांच चल रही है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार का नरवाना तबादला होने के बाद भी विवादित जमीन का इंतकाल कर दिया गया, जबकि इसकी शिकायत डीसी और एसडीएम को दी गई थी। मंत्री ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई की बात कही। जमीन के विवाद में मंत्री ने कहा- गोली चली तो जमीन यहीं रह जाएगी दुड़ाना गांव की जसविंद्र कौर की शिकायत पर सुनवाई के दौरान मंत्री ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया। उन्होंने कहा कि जमीन के विवाद में यदि किसी की गोली लगने से मौत हो गई तो जमीन यहीं रह जाएगी। इसलिए आपसी समझौते से विवाद सुलझाएं। उन्होंने कहा कि पहले भी इस विवाद में गोलियां चल चुकी हैं। इस पर दूसरे पक्ष की युवती ने कहा कि उसने अपने पिता को खुद अंदर से बंदूक लाकर दी थी, ताकि वह आत्मरक्षा में गोली चला सकें। यदि कानूनी कार्रवाई करनी है तो उसके खिलाफ भी की जाए। इसके बाद मंत्री ने कष्ट निवारण समिति के दो सदस्यों को मौके पर भेजकर पंचायत के माध्यम से जमीन विवाद का समाधान करवाने के निर्देश दिए। घटिया निर्माण सामग्री की शिकायत पर सरपंच को नोटिस दरियावाला गांव में जिम हॉल के निर्माण में घटिया सामग्री लगाने और सड़े हुए पानी से सीमेंट का मसाला तैयार करने की शिकायत पर मंत्री ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे। मौके पर पहुंचे एसडीओ की जांच में अनियमितताओं की बात सामने आई। विभाग के एक्सईएन पोषण कन्यान ने भी गड़बड़ियों की पुष्टि की। इसके बाद पंचायती राज विभाग की ओर से सरपंच को नोटिस जारी किया गया। शुक्रवार को मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ट्रांसफार्मर की अर्थिंग से भैंस की मौत, ढाई लाख रुपये मुआवजे की मांग नरवाना के बीरबल नगर निवासी अमित ने बिजली निगम के एक्सईएन के खिलाफ शिकायत दी। उन्होंने बताया कि खेत में पशुओं को ले जाते समय ट्रांसफार्मर की अर्थिंग से जमीन में करंट आ गया, जिसकी चपेट में आने से उनकी मुर्राह नस्ल की भैंस की मौत हो गई। इससे उन्हें करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ। मंत्री ने बिजली निगम के एक्सईएन को निर्देश दिए कि अगली बैठक से पहले शिकायतकर्ता के सभी दस्तावेज पूरे करवाकर नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाए। भतीजे की मौत के मामले में डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप बनियाखेड़ा निवासी अजय ने नागरिक अस्पताल के सिविल सर्जन के खिलाफ शिकायत दी। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को वह अपने 10 वर्षीय भतीजे दीपांशु को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। तबीयत बिगड़ने पर वह पांच बार इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक के पास गए, लेकिन आरोप है कि तीन घंटे तक डॉक्टर ने बच्चे को नहीं देखा। बाद में बच्चे की मौत हो गई। सीएमओ ने बताया कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए बिसरा जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। मंत्री ने कहा कि यदि चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने पुलिस पर भी कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाया। मंत्री ने मामले को लंबित रखते हुए अगली बैठक में सुनवाई करने के निर्देश दिए।