झज्जर। पूर्व शिक्षा मंत्री एवं कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को पहले ही छात्रों की भावनाओं और उनकी मांगों को समझना चाहिए था। उन्होंने कहा कि देश भर के छात्र जंतर-मंतर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलन कर रहे थे और उनकी मांग केवल बेहतर शिक्षा व्यवस्था, निष्पक्ष परीक्षाएं, पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण कई छात्र मानसिक तनाव में आए और दो दर्जन से अधिक छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन छात्रों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि माना जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी युवाओं से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि एक ओर सरकार "बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ" का नारा देती है जबकि दूसरी ओर दिल्ली में प्रदर्शन कर रही छात्राओं और छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार हुआ। इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री को देश के युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी सहित उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई। भुक्कल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में देश में बेहतर शिक्षा प्रणाली विकसित होगी, जिससे युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा और उन्हें विदेशों में अवैध तरीके से जाने, अपराध या नशे की ओर बढ़ने जैसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने इसे देश और प्रदेश के छात्रों की बड़ी जीत बताया।