प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सेक्टर-2 स्थित सेवाकेंद्र पर 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' अत्यंत उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। समारोह की मुख्य विशेषता यह रही कि इसमें शामिल होने वाली माताएं और बहनें समाज के अलग-अलग कार्यक्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। सभा में डॉक्टर्स, सफल बिजनेस वूमेन, शिक्षिकाएं और अन्य विभिन्न प्रोफेशनल्स ने भाग लिया। मुख्य वक्ता एवं सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी विनीता दीदी ने इन सभी का अभिनंदन करते हुए कहा कि आज की नारी न केवल घर संभाल रही है, बल्कि व्यावसायिक जगत में भी अपनी बुद्धिमत्ता और कर्मठता का लोहा मनवा रही है।इस विशेष अवसर पर आध्यात्मिक चर्चा और प्रेरणादायी वचनों के माध्यम से महिलाओं की समाज निर्माण में भूमिका पर प्रकाश डाला गया। ब्रह्माकुमारी विनीता दीदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं में सेवाभाव, त्याग और तपस्या के गुण जन्मजात होते हैं। परमात्मा ने माताओं को विशेष शक्तियों से नवाज़ा है, जिसके बल पर वे न केवल परिवार को संभालती हैं, बल्कि पूरे घर को स्वर्ग जैसा सुखद स्थान बनाती हैं। उन्होंने कहा, "आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी योग्यता सिद्ध कर रही हैं, लेकिन उनकी आध्यात्मिक शक्ति ही समाज को नई दिशा दे सकती है।" विनीता दीदी ने आगे कहा कि स्वयं निराकार शिव परमात्मा ने इस धरा पर आकर ज्ञान के दिव्य कलश को माताओं के सिर पर रखा। संस्था की वरिष्ठ राजयोगिनी दादी-दीदीयों के जीवन से हमें त्याग और सेवा की अनूठी शिक्षा मिलती है, जिन्हें जीवन में धारण कर हम शांतिपूर्ण जीवन जी सकते हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सबके प्रति शुभकामना और शुभ भावना का संकल्प लें। कार्यक्रम में बीके रूबी,बीके लक्ष्मी,बीके कोमल और बीके अंजू दीदी ने भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित माताओं ने अपने घरों में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने और प्रेम व एकता से उसे स्वर्ग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का अंत राजयोग के गहन अभ्यास और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के साथ हुआ। सभी उपस्थित भाई-बहनों ने इस उत्सव का भरपूर आनंद लिया और एक सकारात्मक जीवन मार्ग पर चलने का दृढ़ निश्चय किया।