आज मैं हरियाणा के उस गांव की गाथा लिखने जा रहा हूं जिसने स्वतंत्रता संग्राम के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया। यह गांव रोहनात बवानी खेड़ा से 12 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। जब 11 मई 1857 को दिल्ली में पहले स्वतंत्रता संग्राम का आरंभ हुआ तो यह गांव किसी से पीछे नहीं रहा। यहां के क्रांतिकारीयों को बहादुर शाह का आदेश मिल चुका था जिस पर रोहनात और दूसरे कई गांव ने 29 मई 1857 को शुक्रवार के दिन अंग्रेजों पर आक्रमण कर दिया। सबसे पहले तोशाम पर आक्रमण हुआ दोपहर के बाद हांसी और हिसार पर हमला हुआ।EpFPqKIaSHs?si