हांसी। हांसी पहुंचे नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने पूर्व वित्त मंत्री एवं भाजपा नेता कैप्टन अभिमन्यु की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उन पर करारा जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु ने कम से कम यह स्वीकार तो किया कि वह उन पर कटाक्ष करते रहे हैं। अब उन्हें ऐसी बातों को छोड़कर नारनौंद हलके के विकास पर ध्यान देना चाहिए। जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऐसे में कैप्टन अभिमन्यु को हलके में वर्षों से अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा करवाने के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिसाय में आईटीआई, डाटा में कॉलेज और नालून में अस्पताल का काम अधूरा पड़ा है। बकलाना की आईटीआई में भी पर्याप्त स्टाफ नहीं रहा। इसके अलावा खांडा खेड़ी में मुर्रा नस्ल के पशुओं के लिए प्रस्तावित रिसर्च सेंटर का काम भी अधूरा है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि कैप्टन अभिमन्यु इन परियोजनाओं को पूरा करवाने के लिए उनके साथ मिलकर प्रयास करेंगे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, मैं बच्चा हूं तो नारनौंद विधानसभा के लोगों के लिए बच्चा ही सही, लेकिन कैप्टन अभिमन्यु को बड़ा दिल दिखाना चाहिए। नारनौंद के विकास कार्यों को रोकने के बजाय उन्हें पूरा करवाने में सहयोग करना चाहिए। कांग्रेस विधायक ने राहुल गांधी को बार-बार लॉन्च किए जाने संबंधी भाजपा के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्हें बार-बार लॉन्च करने की बात करना निराधार है। जस्सी पेटवाड़ ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की छवि खराब करने के लिए भाजपा ने लंबे समय तक प्रयास किए, लेकिन अब जनता उनके मुद्दों को समझ रही है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने चीन सीमा और कोविड जैसे मुद्दों पर पहले ही सवाल उठाए थे, जिनकी प्रासंगिकता बाद में सामने आई। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने के बजाय उनकी छवि पर हमला किया जाता है। उन्होंने वोट चोरी के मुद्दे का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों से जुड़े सवाल उठा रही है। धान खरीद के मुद्दे पर जस्सी पेटवाड़ ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि प्रदेश की मंडियों में पीआर धान की खरीद और उठान में देरी के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं मंडियों का दौरा किया है और वहां किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों में किसानों के हितों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही। मंडियों में धान का उठान धीमा होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की अनेक मंडियों में उठान 30 प्रतिशत तक भी नहीं हुआ है।जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि मंडियों में फसल जमा होने और उठान में देरी से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से धान की खरीद और उठान में तेजी लाने तथा किसानों को एमएसपी का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की।