राज्य जन स्वास्थ्य पर्यवेक्षक दल (स्पॉट टीम) ने वीरवार को नागरिक अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। टीम ने इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी), टीकाकरण अभियान और रेबीज से बचाव एवं उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी शौर्य झा ने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन, रिकॉर्ड संधारण और विभागीय समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी दस्तावेजों और रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से रखा जाए। संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के साथ नियमित बैठकें की जाएं और उनमें लिए गए निर्णयों की समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए, ताकि व्यवस्थाओं में लगातार सुधार हो सके। सर्पदंश के उपचार और ऑक्सीजन प्रबंधन की भी समीक्षा स्पॉट टीम ने अस्पताल में सर्पदंश के मामलों में उपचार की उपलब्धता, पर्यावरण परिवर्तन से पैदा होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने की तैयारियों और ऑक्सीजन प्रबंधन की समीक्षा की। इसके अलावा एंटीबायोटिक दवाओं के उचित इस्तेमाल से जुड़े प्रबंधों का भी जायजा लिया गया। टीम ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के बावजूद नागरिक अस्पताल में बेहतर काम किया जा रहा है। टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया। शुक्रवार को पीएचसी और उप नागरिक अस्पताल का दौरा निरीक्षण के दौरान नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. सुभाष, छाती एवं टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा, पैथोलॉजिस्ट डॉ. समीर कंबोज, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ डॉ. विष्णु मित्तल और डाटा मैनेजर सुनील बरड़वाल मौजूद रहे। टीम शुक्रवार को भी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और उप नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करेगी।