भारतीय किसान यूनियन (एमएसपी किसान मोर्चा) ने जलभराव से खराब फसलों के मुआवजे, बाजरा भावांतर भरपाई के भुगतान, ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन फीस में 10 गुना वृद्धि वापिस लेने और बाजरा ई-खरीद में करोड़ों रुपए के फर्जी गेट पास घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर रोज गार्डन हाथी पार्क में बैठक की। बैठक में सैकड़ों किसान पहुंचे। प्रदेश संयोजक जगबीर घसौला ने बताया कि प्रदेश महासचिव रणबीर फौजी घिकाड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में चार प्रमुख मांगों को लेकर रोष जताया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि जलभराव से 100 प्रतिशत फसल बर्बाद होने के बावजूद वेरिफिकेशन में नुकसान 24 प्रतिशत से कम दिखाकर मुआवजा रद्द कर दिया गया। वहीं, बाजरा ई-खरीद पर जे-फार्म शुल्क देने के बावजूद भावांतर भरपाई नहीं मिली। बैठक में आंदोलन की रणनीति के लिए 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जो दोनों विधायकों से मुलाकात कर मांगें रखेगी। इसके बाद 7 जनवरी को सुबह 10 बजे रोज गार्डन में अगली बैठक होगी। बैठक के बाद किसानों ने शहर में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचकर एसडीओ योगेश सैनी को मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और विधायकों के नाम ज्ञापन सौंपा। रणबीर फौजी घिकाड़ा ने बाजरा ई-खरीद में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।