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चरखी दादरी: 11 विधाओं में बच्चों ने दिखाई सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रतिभा, समाज को दिए प्रेरक संदेश

शहीद दलबीर सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में आयोजित जिलास्तरीय बाल महोत्सव का वीरवार तीसरे दिन उत्साह के साथ संपन्न हो गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में नगराधीश प्रीति रावत और विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र चौधरी पहुंचे। विद्यालय परिवार और बाल कल्याण परिषद की अक्षमा शर्मा ने पुष्प गुच्छ देकर अधिकारियों का स्वागत किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम को आरंभ किया गया। सूबे सिंह ने बताया कि तीसरे दिन 11 विधाओं में चार कक्षा वर्गों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। पूरे दिन विद्यालय परिसर में कला, संगीत और उत्साह की ऊर्जा चारों ओर बिखरी रही। समूह गान की मधुर लहरों ने शुरुआत में ही दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद शास्त्रीय नृत्य और कत्थक की मनमोहक प्रस्तुतियों ने तो दर्शकों का मनोरंजन किया। जूनियर वर्ग की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रही। छोटे बच्चों ने हनुमान, वैज्ञानिक, सैनिक, पर्यावरण रक्षक और स्वच्छता दूत बनकर मंच पर कदम रखा, तो दर्शक मुस्कुराए बिना नहीं रह सके। मंच पर हर प्रस्तुति में समाज के लिए एक संदेश छिपा था, कोई बेटी बचाओ की बात कर रहा था, तो कोई पृथ्वी को बचाने की। सांस्कृतिक मंच के साथ-साथ रचनात्मक प्रतिभाओं ने भी अपनी छाप छोड़ी। सुलेख लेखन और क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिताओं में बच्चों ने कल्पनाशक्ति का परिचय दिया। मिट्टी की मूर्तियों में भावनाएं झलक रही थीं और अक्षरों में संवेदनाएं बंधी थीं। मुख्य अतिथि नगराधीश प्रीति रावत ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बाल महोत्सव उनकी अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को नया आयाम देता है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी जिन्होंने बच्चों को इस स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं। जोश और ऊर्जा के साथ बच्चों ने मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाई है। कार्यक्रम अधिकारी क्षमा शर्मा ने सभी अतिथियों, निर्णायक मंडल, प्रतिभागियों और सहयोगी शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाल महोत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बच्चों की भावनाओं, कल्पनाओं और रचनात्मकता का उत्सव है। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय बाल महोत्सव में जिले का प्रतिनिधित्व करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

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