पैदा होने के 13 माह बाद सोमवार दोपहर को मादा बब्बर शेरनी गीता के साथ पहली बार उसके दो शावक सिंघम और शेरा खुले बाड़े में छोड़े गए। खुले बाड़े में पहली बार खुली आबोहवा में दोनों ने सुकून महसूस किया। इस दौरान इन दोनों शावकों के पिता नर बब्बर शेर सिंबा और दूसरे नर बब्बर शेर शिवा को अलग बाड़े में रखा गया। अब तीन दिनों तक वन्य प्राणी विभाग के अधिकारी मां और दो शेर शावकों पर विशेष निगरानी रखेंगे। अब भिवानी के चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल लघु चिड़ियाघर में दो नर शावकों के दीदार भी मंगलवार से दर्शकों को होंगे।