जिला मुख्यालय की अनाज मंडी में मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी नए शेड का निर्माण काम अटक गया है। हालांकि मुख्यालय की मंडी में चार शेड पहले से ही बने हैं, फिर भी किसानों की फसल को सुरक्षित छत नसीब नहीं हो रही है। हर साल सीजन में करीब डेढ़ लाख क्विंटल फसल को किसान खुले में ही उतारते हैं। बारिश के दौरान भी किसानों की फसल भीग रही हैं वहीं परिंदे भी किसानों की फसल को बर्बाद कर रहे हैं। भिवानी जिला मुख्यालय में चार मुख्य शेड के अलावा दो खुले प्लेटफार्म बने हैं। मुख्यालय की मंडी में शेड के नीचे अधिकांश आढ़ति अपना माल(अनाज) भंडारित किए हुए हैं। खरीद सीजन शुरू होने के बाद भी कई आढ़ति अपना माल नहीं हटाते। ऐसे में मंडी आने वाले किसानों को फसल खुले में ही उतारनी पड़ती है। कुछ अर्से पहले एक रैली में मुख्यमंत्री ने नए शेड की घोषणा की थी, लेकिन इस पर अभी तक कोई भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। वहीं हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारी नए शेड की जरूरत को ही नकार रहे हैं, जबकि किसान संगठनों और आढ़तियों की तरफ से नए शेड की कई बार मांग उठ चुकी है। फिलहाल मंडी में कपास और बाजरा की खरीद चल रही है। खुले में पड़ा बाजरा कबूतर खराब कर रहे हैं वहीं बारिश में भी किसानों का बाजरा भीग चुका है। इसी तरह कपास की सुरक्षा के भी कोई प्रबंध नहीं हैं।