बीते ढाई साल से राजकीय प्राथमिक स्कूल रवालों का भवन असुरक्षित घोषित है। अभी तक इस स्कूल के भवन को बनाने के लिए शिक्षा विभाग अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली। विभाग अधिकारियों ने कई बार स्कूल में आकर निरीक्षण भी किया, लेकिन न तो स्कूल भवन बनाने के लिए कोई बजट आया और न ही स्कूल भवन को बनवाने के लिए फाइल को निदेशालय से मंगवाने में अधिकारियों ने रूचि दिखाई। अधिकारियों को स्कूल में बच्चों के साथ अनहोनी का इंतजार है। हैरानी इस बात की है कि स्कूल के छात्रों को स्कूल प्रांगण में चल रहे आंगनबाड़ी भवन में बैठकर पढ़ना पढ़ रहा है। इस वजह से आंगनबाड़ी व स्कूल दोनों का कार्य प्रभावित हो रहा है। यही नहीं स्कूल का जिम्मा करीब दो साल से एक ही शिक्षक के हवाले है। यहां शिक्षकों की भी कमी है।