गुजरात के मोरबी पुल हादसे में मरने वालों की तादाद तक बढ़ती ही जा रही है...लेकिन सवाल उठता है कि इस पुल की तो हाल ही में मरम्मत हुई थी और 25 अक्टूबर से इसे फिर से लोगों के लिए खोला गया था. फिर ऐसा क्या हुआ कि मरम्मत के 5 दिन बाद ही ये पुल गिर पड़ा.. इन 6 महीनों में पुल की मरम्मत पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च हुए थे..खर्च तो ठीक है मगर सवाल उठता है कि आखिर कहां चूक हो गई ?...इतनी बड़ी लापरवाही क्यों हुई ?...
मच्छु नदी पर बने इस पुल का इतिहास करीब 143 साल पुराना है...मोरबी में मच्छु नदी पर इस पुल का निर्माण साल 1880 में पूरा हुआ था. इसका उद्घाटन मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था. उस वक्त इसे बनाने में करीब 3.5 लाख रुपये खर्च हुए थे...143 साल पुराना ये पुल 6 महीने से बंद था। मरम्मत के बाद 25 अक्टूबर को इसे आम लोगों के लिए खोला गया था। आम तौर पर रविवार को घुमने फिरने वाली जगहों पर भीड़ होती है और रविवार को यहां भी भीड़ ज्यादा हो गई थी...और मरम्मत के 5 दिन बाद ही इतना बड़ा हादसा हो गया