एक फनकार जिसने अपने गीतों से लोगों को हंसाया भी रुलाया भी, यहां तक की उनकी मौत पर आसमान भी रोया था। जिसे दुनिया हिंदी सिनेमा के शहंशाह- ए-तरन्नुम के नाम से जानती है। जिसने मुफलिसी का दौर देखा और शोहरत भी। वो आज हमारे बीच नहीं है लेकिन उसकी आवाज आज भी हमें उसकी याद दिलाती है।