दिल्ली। बढ़ती गर्मी और व्यस्त जीवनशैली के कारण शहरों में खामोश डिहाइड्रेशन बढ़ रहा है। शरीर में पानी की कमी अक्सर बिना बड़े लक्षण के रहती है, जिसे लोग नजरअंदाज करते हैं। थकान, सिरदर्द और चक्कर को सामान्य कमजोरी समझा जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक पानी की कमी किडनी और पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है। युवा और कामकाजी लोग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। गुरु तेग बहादुर अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक ने देर से पहचान पर चिंता जताई। उन्होंने नियमित अंतराल पर पानी पीने की सलाह दी है। गर्मियों में तरल पदार्थ और फलों का सेवन बढ़ाना चाहिए। कैफीन और मीठे पेय से दूरी बनाएं। समय पर सावधानी ही इस खामोश समस्या से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।