दिल्ली हाई कोर्ट में एक बर्खास्त नौसेना कर्मी ने खुद को ट्रांसजेंडर के रूप में पहचान देने और अपनी बर्खास्तगी रद्द करने की मांग की है। केंद्र सरकार के वकील ने बताया कि संबंधित कर्मी ने बिना अनुमति लिंग परिवर्तन कराया, सेवा के दौरान बड़े बाल और नेल पॉलिश रखकर नियमों का उल्लंघन किया, और आठ बार बिना सूचना अनुपस्थित रहा। अदालत ने रक्षा मंत्रालय से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।