सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित सेक्टर साइट-बी के उद्यमी 40 साल बाद भी यहां पर पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। साइट बी स्थित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के सभागार में हुए अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने बिजली, पानी, सड़क, सीवर, ड्रेनेज, अतिक्रमण के अलावा यहां पर चेन स्नेचिंग की घटनाओं का जिक्र करते हुए महिला श्रमिकों की सुरक्षा पर भी चिंता व्यक्त की। बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने और आपूर्ति में सुधार की मांग भी की गई। करीब 4 दशक पहले क्षेत्र में औद्योगिक विकास के मकसद से सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया। यहां पर लाखों श्रमिक फैक्टरियों में काम करते हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। यहां पर साइट बी को हवेलिया ड्रेन दो हिस्सों में बांटता है। पिछले 20 वर्षों से उद्यमी एक पुलिया की मांग कर रहे हैं। इस पुलिया के बनने से सूरजपुर में रहनेवाले हजारों श्रमिकों को फैक्टरियों तक पहुंचने में आसानी होगी। महिला श्रमिकों को भी रास्ता सुरक्षित होगा। बुनियादी सुविधाओं के साथ भारी वाहनों की औद्योगिक सेक्टरों में नो एंट्री को भी हटाने की मांग संवाद में उठी। इसके साथ ही यहां पर नालियों की बदहाली से उनका पानी सड़कों पर भरता है और वह क्षतिग्रस्त होती हैं। फैक्टरियों तक माल की आवाजाही में परेशानी होती है। संवाद के दौरान, आईआईए के अध्यक्ष राकेश बंसल, सचिव सरबजीत सिंह, उपाध्यक्ष अमित शर्मा, जेएस राणा, गौरव मिंडा, विशारद गौतम, जगदीश सिंह, पीपी शर्मा, नवीन कुमार गुप्ता, विजय गोयल, प्रमोद गुप्ता आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।