शहर के सेक्टर 62 स्थित राष्ट्रीय विरासत संस्थान में मंगलवार को संग्रहालय का उद्धाटन किया गया। इस दौरान संस्थान के कुलपति व राष्ट्रीय संग्रहालय के महानिदेशक डॉ बुद्ध रश्मि मणि ने इसका उद्धाटन किया। उन्होंने बताया कि इस संग्रहालय में 1200 ईसा पूर्व से लेकर 2000 ईसा पूर्व व उससे भी पुरानी भारतीय प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है। जहां इसके साथ ही कुर्णी समेत अन्य स्थानों की खुदाई के दौरान मिले विभिन्न प्रकार के मृदभांडों, अवशेष, लिखित चित्रकला पटकला को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन समेत अन्य देशों से वापस लाई गईं भारतीय मूर्तियां जिनमें गौतमबुद्ध, विष्णु के वराह अवतार की मूर्ति, शंकर पार्वती, गणेश समेत अन्य राजाओं महाजाओं की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के अथक प्रयासों के चलते विदेश से भारत से सदियों पहले चोरी हुई मूर्तियों को लाने का प्रयास किया गया। सन् 2014 से लेकर अब तक भारत सरकार 358 बेशकीमती भारतीय मूर्तियों को वापस भारत लाया गया है। इन्हें या तो नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय मे संरक्षित किया गया है, कुछ को देश के अन्य संग्रहालय में रखा गया है। अब नोएडा के सेक्टर 62 स्थित भारतीय विरासत संस्थान में भी इनमें से 15 मूर्तियों को स्थापित कर दिया गया है। भारतीय विरासत संस्थान के कुलपति डॉ बुद्ध रश्मि मणि ने बताया कि भारत का इतिहास सदियों पुराना है। इसके लिए संस्थान में लगातार कई छात्र अपने अपने शोध करते रहते हैं। इस संग्रहालय में विदेश से लाई गईं इन मूर्तियों को वह सभी छात्र व अन्य जिज्ञासु व शोधकर्ता अब उन मूर्तियों को करीब से देखने के साथ साथ उनके सदियों पुराने इतिहास, संस्कृति, कला व जीवन शैली को करीब से समझ भी पाएंगे, जो उनके शोध में लाभदायक रहेगा। इसके साथ ही संस्थान में स्थापित इस संग्रहालय में जो भी शोधकर्ता या शहरवासी जाना चाहता है और इन मूर्तियों को देखना चाहता है, भविष्य में उनके लिए भी एक विशेष व्यवस्था कर उन्हें स्थान दिया जाएगा।