उद्योग विहार सेक्टर 82 में सीवर ओवरफ्लो से बहुत बुरा हाल है। 2003 से सोसाइटी में लोगों ने रहना शुरू किया है तब से आजतक यहां पर सीवर लाइन की इंटरनल सफाई नहीं हुई है। ओवरफ्लो की शिकायत पर नोएडा प्राधिकरण की ओर से कर्मचारी भिजवाए जाते हैं लेकिन हर बार बाहर ही बाहर ट्रेम्पररी काम करके चले जाते हैं। सोसाइटी में बिजली के पैनल बॉक्स भी खुले हुए हैं ऐसे में करंट लगने का खतरा बना हुआ है। यह बात सेक्टर 82 स्थित उद्योग विहार (एलआईजी फ्लैट) निवासियों ने अमर उजाला संवाद में कही। निवासियों ने बताया कि सोसाइटी के अंदर बिजली के कई पैनल बॉक्स बहुत पुराने हो गए हैं, इन्हें रिपेयर करने या बदलने की जरूरत है। कुछ पैनल बॉक्स खुले हुए हैं। इन्हें बदलवाने के लिए बिजली विभाग ने प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिया। नए पैनल बॉक्स की क्वालिटी बहुत खराब है और जंग लगने की वजह से छह महीने में ही खराब हो रहे हैं। इससे करंट लगने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा सोसाइटी में दिशा सूचक (एड्रेस) बोर्ड क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अधिकांश घरों के आगे लगे बोर्ड टूटकर अलग हो गए हैं। इससे सोसाइटी में आने वाले निवासियों, मेहमानों और डिलीवरी बॉय को घर ढूंढने में काफी परेशानी होती है। सफाई कर्मचारियों की संख्या बहुत कम होने के कारण पूरी सोसाइटी में एक बार में झाड़ू भी नहीं लग पाती है। एक-एक दिन छोड़कर सफाई होती है। इससे गंदगी बनी रहती है। संवाद के दौरान निवासियों ने बताया कि सोसाइटी में पुरानी पाइप लाइन होने की वजह से साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। सप्ताह में दो-तीन दिन गंदा पानी आ जाता है। ऐसे में टंकियां चोक हो जाती हैं और घरों में लगे आरओ भी सही काम नहीं कर पाते हैं। वहीं, सोसाइटी में आरडब्ल्यूए का चुनाव होने के बाद भी पूर्व आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों की ओर से सोसाइटी का लेखा-जोखा व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज वर्तमान आरडब्ल्यूए को हैंडओवर नहीं किए गए हैं। ऐसे में आरडब्ल्यूए को कुछ जरूरी कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।