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VIDEO : नोएडा सेक्टर 76 में स्काईटेक मेट्रोट सोसाइटी में लोगों ने बताईं समस्याएं, अवैध शुल्क वसूलने का आरोप

अनुज कुमार Updated Wed, 29 Jan 2025 04:33 PM IST

सोसाइटी में कुल 716 फ्लैट हैं लेकिन अबतक 240 फ्लैट खरीदारों को अपने ही घर का मालिकाना नहीं मिल पाया है। यहां पर हमने 2015 से रहना शुरू किया था और हम फ्लैट का पूरा पैसा भी दे चुके हैं। यदि बिल्डर पर नोएडा प्राधिकरण का पैसा बकाया है तो नोएडा प्राधिकरण अपने तरीके से पैसे वसूले। इसमें फ्लैट खरीदारों को बीच में शामिल करके परेशान क्यों किया जा रहा है? इसमें हमारा क्या दोष है? अमर उजाला संवाद में सोसाइटी निवासियों ने रजिस्ट्री के मुद्दे पर काफी निराशा जताई और संबंधित अधिकारियों पर कई आरोप भी लगाए। सेक्टर 76 स्थित स्काईटेक मेट्रोट सोसाइटी में अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया था। इस संवाद में सोसाइटी निवासियों ने समस्याएं बताईं। अधिकतर फ्लैट खरीदार फ्लैट की रजिस्ट्री ना होने की समस्या से परेशान दिखाई दिए। इस दौरान बिल्डर और संबंधित अधिकारियों पर कई आरोप भी लगाए। बताया कि सोसाइटी के बिल्डर ने कई लोगों के स्टांप पेपर भी लेकर रख लिए हैं और कई लोगों की रजिस्ट्री के ओरिजिनल डॉक्युमेंट बिल्डर के पास हैं। इसके बाद भी बिल्डर रजिस्ट्री नहीं करवा रहा है। संवाद के दौरान लोगों ने नोएडा प्राधिकरण पर भी कई आरोप लगाए और सवाल उठाते हुए कहा कि बिल्डर से पैसे वसूलने में नोएडा प्राधिकरण इतना समय क्यों लगा रहा है? वह बिल्डर के खिलाफ कोई एक्शन क्यों नहीं ले रहा है? संवाद में बताया गया कि सोसाइटी में बिल्डर के बिना बिके हुए 29 फ्लैट नोएडा प्राधिकरण ने दोबारा सील किए हैं। इन फ्लैट की कीमत करीब 39 करोड़ है और बिल्डर पर नोएडा प्राधिकरण का करीब 24 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में नोएडा प्राधिकरण इन फ्लैट का मूल्यांकन कर अपना बकाया वसूल सकता है और फ्लैट खरीदारों के फ्लैट की रजिस्ट्री करवाकर उनके घर का मालिकाना हक दिलवा सकता है। सोसाइटी निवासियों ने बताया कि यहां पर 2015 से लोगों ने रहना शुरू किया था। 2018 में हमने मेंटनेंस शुल्क देना बंद करके बिल्डर से सोसाइटी टेकओवर कर ली थी। वहीं, 2017 में बिल्डर ने पानी का कनेक्शन लिया था जिसका पूरा भुगतान न करके अधूरा भुगतान किया था। ऐसे में अभी तक पानी के कनेक्शन पर 45 लाख रुपये बकाया है और सोसाइटी में पानी का कनेक्शन अवैध रूप से चल रहा है। इसके साथ ही इंट्रेस्ट फ्री मेंटेनेंस सिक्योरिटी (आईएफएमएस) का 50 लाख और मेंटेनेंस का करीब ढाई करोड़ बकाया है। इसके अलावा एडवांस रिचार्ज एंड सिक्योरिटी फंड का करीब 15 लाख बकाया है। एक डीजी सेट भी नहीं लगा है। अपने खर्च से डेढ़ करोड़ खर्च करके सोसाइटी की पेंटिंग का काम करवाया गया है। सोसाइटी निवासियों ने बताया कि एक तरफ बिल्डर कहता है कि उसके पास बकाया जमा करने के लिए पैसे नहीं है, वहीं दूसरी तरफ सोसाइटी के फ्लैट बिकते रहते हैं जिसमें ट्रांसफर शुल्क बिल्डर ही लेता है। ऐसे में बिल्डर ट्रांसफर शुल्क के नाम पर भी मनमाने दाम वसूल रहा है।

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