दिवाली कब मनाए इस बात पर बने संशय के खत्म होने के बाद आखिरकार यह तय हो गया कि 31 अक्तूबर को देशभर में दिवाली का त्यौहार मनाया जाएगा। नोएडा शहर भी इस प्रकाश के पर्व को मनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हर घर, हर गली और हर कोना दीपों की रौशनी से जगमगाने वाला है। 31 अक्टूबर की शाम जैसे ही सूर्य अस्त होगा, पूरा नोएडा शहर दीपों की रौशनी में नहाएगा। लोग अपने घरों के बाहर दीये जलाकर विधि विधान से माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करेंगे। इसके बाद ग्रीन पटाखों और रंगीन झालरों की रौशनी से आसमान भी जगमगा उठेगा। सेक्टर 26 स्थित कालीबाड़ी मंदिर में दिवाली पर काली पूजा का आयोजन होगा, जिसे बंगाली समाज के लोग श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाते हैं। दिवाली अमावस्या की रात को मनाई जाती है। बंगाली समाज देर शाम काली पूजा की शुरूआत होती है। इस दौरान माँ काली की प्रतिमा को एक सुंदर लाल बनारसी साड़ी और सोने के गहनों से सजाया जाता है, जिसके बाद फल, मिठाई, चावल और खीर भोग के रूप में अर्पित किए जाते हैं। कालीबाड़ी मंदिर के उपाध्यक्ष अनुपम बनर्जी ने बताया कि पूजा का आरंभ रात 11 बजे होता है, जिसके बाद 1 बजे पवित्र पुष्पांजलि अर्पित की जाती है, कई भक्त इस अनुष्ठान के लिए मध्यरात्रि तक कठिन निर्जला व्रत का पालन करते हैं। इसके बाद 2 बजे हवन का आयोजन होता है, जिसके बाद 2:15 बजे से भोग वितरण किया जाएगा। पंजाबी समाज के लोग टेकेंगे मत्था दीवाली के दिन पंजाबी समाज के लोग नोएडा के गुरूद्वारे में मत्था टेक कर दिवाली पर्व मनाएंगे। इसके लिए नोएडा के प्रसिद्ध गुरूद्वारों जिनमें, सेक्टर 18 स्थित गुरु सिंह सभा, सेक्टर 62, सेक्टर 82 स्थित गुरू नानक दरबार, सेक्टर 137 स्थित बाबा फतेह सिंह गुरूद्वारा, सेक्टर 71 के गुरूद्वारा साहिब , को झालरों से सजा दिया गया है। नोएडा पंजाबी समाज के अध्यक्ष जेपी उप्पल ने बताया कि दिवाली का यह त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं, गुरूद्वारे जाकर मत्था टेकते हैं और मां लक्ष्मी की उपासना भी करतेे हैं।