यमुना प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले म्याना गांव के निवासी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। क्षेत्र के विकास का दावा करने वाला यमुना प्राधिकरण ग्रामीणों की सुध लेने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। आलम यह है कि गांव का एक रास्ता जल-भराव और गहरे कीचड़ के कारण पूरी तरह दलदल में तब्दील हो चुका है, जिससे ग्रामीणों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है।