ग्रेटर नोएडा में पार्श्वनाथ पैनोरमा सोसायटी के फ्लैट में गांजे की खेती कर उसे डार्क वेब से बेचने वाले आरोपी राहुल चौधरी ने मेरठ में ऑर्गेनिक की आड़ में गांजे की खेती का सपना देखा था। आरोपी ने मेरठ के कंकरखेड़ा में जमीन देखी थी। जल्द इसका सौदा होना था। आरोपी मेरठ प्रशासन से ऑर्गेनिक खेती का लाइसेंस लेकर इसकी आड़ में बड़े पैमाने पर गांजे की खेती की तैयार कर था। सेक्टर-24 कोतवाली क्षेत्र से नारकोटिक्स कंट्रोल सेल ने एक गांजा तस्कर को पकड़ा था। गांजा तस्कर ने आरोपी की जानकारी एनसीपी के अधिकारियों को दी थी। एनसीबी ने सेक्टर-24 कोतवाली पुलिस को काम करने के लिए कहा था, लेकिन जब पता चला कि कोतवाली क्षेत्र ग्रेटर नोएडा जोन का तो इकोटेक-1 कोतवाली को जांच के लिए कहा गया। ईकोटक-1 कोतवाली पुलिस जब जांच करती हुई आरोपी के फ्लैट पर पहुंची तो पता चला है कि फ्लैट बीटा-2 कोतवाली के क्षेत्र में शामिल है। यही कारण रहा है कि बीटा-2 कोतवाली पुलिस के साथ ईकोटेक-1 व एनसीबी को भी पुलिस के इस गुड वर्क में शामिल किया गया।