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Video: 'मेरी बेटी को मारने वालों को सजा भगवान देगा': नोएडा में निठारी कांड के 18 साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ

अनुज कुमार Updated Wed, 12 Nov 2025 05:25 PM IST

नोएडा के निठारी गांव की गलियों में आज भी सन्नाटा बोलता है। वही निठारी, जिसने कभी देश को हिला देने वाला कांड देखा था। निठारी की कोठी नंबर डी-5 में रहने वाले मोनिंदर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली पर बच्चों की बेरहमी से हत्या और अवशेष को घर के पीछे दफनाने का आरोप था। अब जब दोनों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, तो एक बार फिर उस दर्दनाक याद ने गांव से सन्नाटा फैला दिया है। उन घरों में जहां कभी बच्चों की खिलखिलाहट गूंजती थी, अब सिर्फ दर्द की परछाइयां बची हैं। उसी गली में उन्नाव से आकर रह रहे झब्बू लाल मिलते हैं। चेहरे पर वक्त की मार और आंखों में एक सवाल लिए अमर उजाला से बात करते हुए उन्होंने कहा —“क्या मोनिंदर का 18 साल तक जेल में रहन झूठ था?” बीस साल पहले झब्बू लाल की दस साल की बेटी ज्योति अचानक गायब हो गई थी। बाद में उसका नाम भी उन बच्चों की लिस्ट में शामिल हुआ, जो कभी लौटे नहीं। अब वह निठारी की एक कोठी के पीछे वाली गली में प्रेस की दुकान चलाते हैं। कहते हैं मेरी मासूम बेटी ज्योति डॉक्टर बनना चाहती थी। वह पढ़ाई में भी होशियार थी। लेकिन इन दरिंदो ने उसे मार डाला। अगर वो निर्दोष थे, तो फिर मेरी बच्ची कहां गई? मेरी बेटी के गायब होने के करीब 1 साल तीन महीने बाद हमको पता चला कि मोनिंदर ने उसे मारा है मैंने खुद अपने हाथों से 96 कटे सिर उस कोठी से बाहर निकाले है। पहले मुझे भरोसा था कि मेरी बेटी को इंसाफ मिलेगा पर अब कुछ नहीं बचा न बेटी रही न पैसा न ही इंसाफ मिलने की उम्मीद। वह आगे करते है कि चाहे जज हो पुलिस हो जिसने भी पैसे लेकर इनको बचाया उनको मेरी बद्दुआ लगेगी

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