रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बूथ अध्यक्ष की संदिग्ध परिस्थितियों में झुलसने से मौत के मामले में जिला अदालत ने पत्नी समेत चार लोगों को दोषमुक्त कर दिया। मिर्जापुर निलौनी गांव के निवासी वीरेंद्र उर्फ पप्पन (44) नौ फरवरी 2022 को अपनी बहन के यहां गए थे। वहां से वापस घर लौटने के बाद रात को कमरे में जाकर सो गए थे। विधानसभा चुनाव-2022 के लिए मतदान के दिन समय पर वह बूथ नहीं पहुंचे तो भाजपा कार्यकर्ता उनके घर गए, जिसके बाद उनकी मौत की जानकारी मिली थी। क्योंकि वीरेंद्र पोलिंग एजेंट थे। सूचना पर पहुंची रबुपुरा कोतवाली पुलिस को वीरेंद्र का शव झुलसा मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम कराने के साथ बिसरा नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। भाई की तहररी पर पुलिस ने वीरेंद्र से अलग रह उसकी पत्नी नेहा उर्फ बासू, मुकेश उर्फ सोनू, भूदेव शर्मा, राजकुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि वीरपाल की पत्नी नेहा कई साल से मुकेश उर्फ सोनू के साथ पति से अलग होकर रह रही थी। दोनों मिलकर वीरपाल को रास्ते से हटाना चाहते थे। नेहा को पता चला कि वीरपाल को जमीन के लिये एक करोड़ का मुआवजा और भूखंड मिलने वाला है। इसके बाद हत्या की साजिश रची गई थी। नेहा और मुकेश ने हत्या करने के लिए राजकुमार और भूदेव शर्मा को 50 हजार रुपये दिए थे। चारों ने वीरेंद्र की गला दबाकर हत्या के बाद शव पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। आरोपी इसके बाद शव पर रजाई डालकर फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले में चारों के खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की थी। मामले में राजकुमार हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद से जेल से बाहर है। जबकि अन्य तीनों लोग जेल में है। विधिक सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली (एलएडीसीएस) के चीफ मनोज तेवतिया व अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) फौजदारी ब्रह्मजीत भाटी की ओर से पैरवी की गई। मामले में 12 गवाह पेश हुए। सुनवाई पूरी होने के बाद दो दिसंबर को जिला जज अवनीश सक्सेना की अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष हत्या के उद्देश्य के साथ साक्ष्य की कड़ियों को जोड़कर आरोप साबित करने में असफल रहा। जो गवाह दर्शाय गए उनकी मौजूदगी संदेहास्पद रही। पुलिस मौके से कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं बरामद कर पाई थी। इस कारण कोर्ट ने पत्नी समेत चारों को दोषमुक्त कर दिया। हालांकि तीनों गैंगस्टर के मामले में जेल में है। जिसमें उन्हें जमानत मिलना बाकी है।