सेक्टर-151 स्थित जेपी ग्रीन अमन सोसाइटी निवासियों के विरोध प्रदर्शन के बाद बिल्डर बैकफुट पर आ गया है। लोगों ने जमकर तीन घंटों तक बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया जिसके बाद बिल्डर द्वारा जारी किया गया फरमान अब वापसी ले लिया गया है। दरअसल बिल्डर की ओर से निवासियों से नौ करोड़ की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया था। बिल्डर का कहना था कि सोसाइटी में प्लास्टर और पेंटिंग का काम करवाया गया था इसके नौ करोड़ रुपये गए हैं और यह रुपये फ्लैट खरीदारों के मेंटेनेंस से वसूले जाएंगे। ऐसे में निवासियों में इसे लेकर खासी रोष था जिसके बाद लोगों ने जमकर विरेध किया। विरोध बढ़ता देख बिल्डर की ओर से नोटिस जारी करने के 43 घंटों के भीतर उसे वापस ले लिया गया है। बता दें कि प्रबंधन की ओर से नौ करोड की वसूली के नोटिस की वापसी के लिए सभी को ई-मेल के माध्यम से सूचना भेजी गई। सोसाइटी के अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) सदस्य योगेश सिंह ने बताया कि सोसाइटी में 2018 से लोग रह रहे हैं। सोसाइटी का निर्माण कार्य बहुत ही खराब क्वालिटी का था यही वजह थी कि प्लास्टर और पेंट झड़ने लगा था। इसलिए बिल्डर को दोबारा करवाना पड़ा। यहां पर पिछले दो साल से पेंटिंग और प्लास्टर का काम चल रहा है लेकिन अबतक काम पूरा नहीं हो पाया है। इसके बाद भी बिल्डर की ओर से नौ करोड़ रुपये का भुगतान करने का मैसेज भेजा गया था। जबकि बिल्डर की ओर से सोसाइटी का हैंडओवर एओए को नहीं हुआ है। यदि हैंडओवर हो गया होता तो जिम्मेदारी एओए की होती। इसलिए लोगों में इसे लेकर विरोध था जिसे बिल्डर की ओर से अब वापस ले लिया गया है।