गाजियाबाद में अधिवक्ताओं की पिटाई के विरोध में जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर के बाद जिला बार एसोसिएशन (कलेक्ट्रेट) से जुड़े अधिवक्ता एक बार फिर से हड़ताल पर चले गए हैं। अधिवक्ताओं की हड़ताल की कारण वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व से संबंधित मामले कार्रवाई ठप पड़ने लगी है। जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के सचिव धीरेंद्र भाटी का कहना है कि गाजियाबाद की अधिवक्ताओं की पिटाई के विरोध में जिले अधिवक्ता हड़ताल है। इस सप्ताह सोमवार से बुधवार को जहां कई साथी अधिवक्ताओं के निधन कारण काम बाधित रखा गया। वहीं गुरुवार को बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ताओं ने एक राय होकर गाजियाबाद के अधिवक्ताओं के समर्थन में आगे भी लड़ाई जारी रखने का समर्थन दिया है। वहीं जिला बार एसोसिएशन (कलेक्ट्रेट) के सचिव हेमंत शर्मा का कहना है कि इस सप्ताह सोमवार से बुधवार तक बार से जुड़े अधिवक्ताओं ने काम किया था, लेकिन गुुरुवार को बार से जुड़े अधिवक्ताओं ने गाजियाबाद के अधिवक्ताओं का समर्थन किया है। अधिवक्ता शुक्रवार और शनिवार को भी कार्य से विरत रहेंगे। सभी अधिवक्ताओं की मांग की है कि गाजियाबाद के जिला जज का स्थानांतरण करने के साथ अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे को वापस लिया जाए। हड़ताल के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। लिमिटेशन टाइम पीरियड बाउंड के मामले सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा ऐसे मामले में जो चेक बाउंस के है क्योंकि ऐसे मामले को 45 दिन के भीतर ही मुकदमा दाखिल होता है। इसी तरह सड़क हादसे में गाड़ी बंद होने मुआवजे आदि के लिए कहने को तो छह माह का समय होता है लेकिन जांच से लेकर आदि कामों में समय लगता है। इसलिए ऐसे केस भी प्रभावित हो रहे हैं। हड़ताल के कारण कई लोगों को जमानत नहीं मिल पा रही है।