गुरुग्राम। टावर ऑफ जस्टिस के पास चेंबर के लिए जगह नहीं मिलने से वकीलों में रोष है। सोमवार को वकीलों ने बैठक करके चेंबर के लिए जमीन अलॉट कराने की मांग की। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि दो दिन में वकीलों के चेंबर्स के लिए जमीन को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वे बुधवार को धरने पर बैठेंगे। वकीलों का कहना है कि पिछले 10 सालों से चेंबर्स के लिए जगह मांग की जा रही है, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। बैठक में वकीलों का कहना था कि टावर ऑफ जस्टिस के उद्धाटन से पहले चेंबर की जमीन अलॉट की मांग को नहीं मनवाया गया तो कभी बैठने के चेंबर नहीं मिल पाएंगे। वकीलों ने कहा कि ऐसे में टावर के उद्धाटन कार्यक्रम से पहले प्रशासन पर दबाव नहीं बनाया गया तो हमारी मांगें पूरी नहीं होगी। हमारा एक ही मुद्दा है कि वकीलाें के चेंबर के लिए जमीन अलॉट की जाए, हम अपने चेंबर खुद बनवाने के लिए तैयार है। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर वकीलों के चेंबर के लिए जमीन अलॉट करने की मांगों को जल्द नहीं माना गया तो 12 जुलाई को शांतिपूर्वक उद्धाटन का बहिष्कार करेंगे। वकीलों ने कहा कि टावर ऑफ जस्टिस हमारी शान है व रोजी-रोटी का जरिया है और हमें वहीं पर काम करना है। लेकिन चेंबर की व्यवस्था नहीं होगी तो क्लाइंट को कहां बैठाएं। चेबर नहीं मिलने से वकीलों की शान को ठेस पहुंच रही है। चेंबर मिलना वकीलों को अधिकार है और हमें हमारे अधिकार से वंचित नहीं रखा जा सकता। बैठक में जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संतोख सिंह एडवोकेट, नूतन यादव एडवोकेट, विनोद कटारिया एडवोकेट सहित काफी संख्या में वकील मौजूद रहे।