फरीदाबाद। औद्योगिक क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के बढ़ते दाम और बार-बार बिल जारी होने से उद्यमियों की परेशानी बढ़ गई है। कारोबारियों का कहना है कि अब उन्हें लगभग हर दो दिन बाद पीएनजी का बिल मिल रहा है। उद्यमियों के मुताबिक पहले 15 दिन का एकमुश्त बिल जारी किया जाता था उसे जमा करने के लिए करीब 10 का समय मिलता था। उद्यमियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उन्हें भुगतान करने के लिए धनराशि का इंतजाम करने में कठिनाई हो रही है। पहले निर्धारित अवधि में बिल आने से भुगतान की योजना बनाना आसान होता था, लेकिन अब बार-बार बिल आने से उद्योग संचालकों को बार-बार भुगतान करना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उद्यमियों का कहना है कि पहले बिल 15 दिन में आता था, वहीं गैस के दाम भी नहीं बढ़े थे, लेकिन मध्य-पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध के कारण पीएनजी के दाम भी बढ़ चुके हैं। इससे परेशानी बढ़ी हुई है। बता दें कि पहले जिले में पीएनजी का दाम 72 रुपये स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएम) था जबकि अब यह 122 रुपये एससीएम हो गया है। सुरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग चलाने वाले उद्यमी विनोद बंसल ने बताया कि पीएनजी के दामों में बढ़ोतरी ने भी उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। गैस की कीमतें बढ़ने से उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है। वहीं सुरूरपुर के ही एक अन्य उद्यमी संजीव ने कहा कि हर दो दिन बिल आ जाने के कारण अन्य चीजों पर ध्यान ही नहीं केंद्रित किया जा रहा है। इसके चक्कर में ही उलझे हुए हैं।