जगदलपुर शहर के धुरगुड़ा स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं का अंबार भरा हुआ है। जिसे लेकर कई दिनों से छात्रों के दिल में गुस्सा उबल रहा था। लेकिन आज अचानक छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और सड़क पर आकर नारेबाजी करने लगे। छात्रों के सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने से आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आनन फानन में सभी छात्रों को मनाने में जुट गये। इस दौरान छात्र अपनी बातों में ही डटे रहे।
बता दे कि जगदलपुर के धुरगुड़ा स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय के छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने शुक्रवार को खुलकर नारेबाजी की। छात्रों ने प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस समय उनकी पढ़ाई चलती हैं, उसी दौरान विद्यालय परिसर में निर्माण कार्य कराया जाता है, जिससे मशीनों की आवाज के बीच शिक्षकों की आवाज पूरी तरह से दब जाती है जिससे कि लगातार पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती है। बच्चों ने यह भी बताया कि आईआईटी-जेईई और नीट जैसे बड़े परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले अनुभवी शिक्षकों को भी अचानक से हटा दिया गया, जबकि उनकी जगह कोई योग्य शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई। वही छात्रों के विरोध करने पर उनकी बात सुनने के बजाय टाल दिया जाता है और छात्रों को कहा जाता है कि पढ़ना है तो पढ़ो, नहीं तो मत पढ़ो कही जाती हैं।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार विद्यालय से शिक्षकों को हटा दिया जाता है, जिससे उनकी तैयारी लगातार प्रभावित हो रही है। कई छात्रों ने यह भी बताया कि विरोध करने पर उन्हें टीसी काटने, नोटिस देने और एफआईआर की धमकी तक दी जाती हैं। सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, छात्र जिस हॉस्टल में रहते है वहां की व्यवस्था और बदहाल है, छात्रों का कहना है कि बाथरूम, पीने के पानी और साफ-सफाई की स्थिति खराब है। भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत करते हुए छात्रों ने खाने में कीड़े मिलने तक के आरोप लगाए। छात्रों ने अपने पसंदीदा शिक्षकों और वार्डन को वापस लाने की मांग करते हुए कहा कि वही उन्हें जेईई-नीट की सही तैयारी, मार्गदर्शन और मोटिवेशन देते थे। वहीं मामले को लेकर एसडीएम मनीष वर्मा ने छात्रों की शिकायतों को गंभीर बताते हुए भोजन व्यवस्था, हॉस्टल, पानी, बाथरूम और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वे हर सप्ताह हॉस्टल का निरीक्षण करेंगे और आवश्यक सुधार कराएंगे। कोऑर्डिनेटर के व्यवहार को लेकर मिली शिकायतों पर एसडीएम ने कहा कि पहले समझाइश दी जाएगी और यदि सुधार नहीं हुआ तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।