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बारिश ने खोली पोल: राजनांदगांव में ₹26 करोड़ का ओवरब्रिज एक महीने में जर्जर, पड़ी दरारें; एक माह पहले उद्घाटन

अमर उजाला नेटवर्क, राजनांदगांव Updated Mon, 06 Jul 2026 04:27 PM IST

जिले के ग्राम बरगा में रेलवे द्वारा लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ओवरब्रिज की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोकार्पण के महज एक महीने के भीतर ही पुल में चौड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं। पहली ही बारिश ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी है।
 
पुल की सड़क कई जगहों से फटकर दो हिस्सों में बंटती नजर आ रही है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल का इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हो जाना भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। रोजाना इस ओवरब्रिज से बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं। ऐसे में पुल की मौजूदा स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता देती दिखाई दे रही है।

लोगों ने प्रशासन से तत्काल तकनीकी जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी मिलते ही ठेकेदार द्वारा आनन-फानन में दरारों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह केवल दिखावटी मरम्मत है, जिससे भविष्य में बड़ा खतरा बना रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने की दोषियों पर कार्रवाई की मांग
दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने पुल को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए बिना भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की भी मांग की है। संजय यादव ने बताया कि इस पुल में इतना बड़ा गड्ढा हो गया था कि 2 लोग इसमें घुस जाते। उन्होंने ठेकेदार के काम को गुणवत्ताहीन बताया।

ठेकेदार ने दी सफाई
ठेकेदार राजेन्दर सिंह ने बताया कि पुल का सर्वे किया गया है। सर्वे में बारिश का पानी अंदर जाने की वजह से कैविटी होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि बारिश के समय कुछ भी काम करने से वह स्थायी नहीं रहेगा। इसलिए बारिश के बाद इसे फिर से खोदकर डामरीकरण का काम किया जाएगा।

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