कोंडागांव में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा पर दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। कोंडागांव में आयोजित प्रेस वार्ता में पीसीसी से नियुक्त प्रभारी डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक इस मुद्दे पर भ्रामक जानकारी दे रहे हैं।
डॉ. ध्रुव ने कहा कि भाजपा यह भ्रम फैला रही है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, जबकि सच्चाई यह है कि महिला आरक्षण बिल, जिसे “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” के रूप में जाना जाता है, सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों से पारित होकर कानून बन चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके बावजूद सरकार इसे लागू नहीं कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार द्वारा लाया गया 131वां संविधान संशोधन विधेयक वास्तव में महिला आरक्षण के बजाय परिसीमन को आगे बढ़ाने का प्रयास था। इस विधेयक में लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें राज्यों के लिए 815 और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें शामिल थीं। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब नई जनगणना 2026-27 में होने वाली है और जातीय जनगणना की भी बात हो रही है, तो 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन क्यों किया जा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार वर्तमान सीटों में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू क्यों नहीं करना चाहती।
डॉ. ध्रुव ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही महिला आरक्षण की पक्षधर रही है। पंचायत और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने का श्रेय भी कांग्रेस को जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए सीटों का पुनर्सीमांकन करना है।