छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा बोर्ड परीक्षा और आवेदन शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी के विरोध में युवा कांग्रेस ने संभागीय कार्यालय का घेराव कर अनोखा प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में गुल्लक लेकर शहर की सड़कों पर उतरकर आम नागरिकों से प्रतीकात्मक सहयोग मांगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शिक्षा का शुल्क कितना बढ़ गया है।
कांग्रेस के पदाधिकारी सदस्यों का कहना है कि फीस में बढ़ोतरी से गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे शिक्षा के महंगे होने से कहीं न कहीं मुख्य धारा से बाहर हो जाएंगे और उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसी विरोध को लेकर शहर के संभागीय कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक तौर पर लोगों से चिल्लर मांग कर अपना विरोध जताया।
शिक्षा को व्यापार बनाने का आरोप
पूर्व पार्षद एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋषि शास्त्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने बोर्ड परीक्षा शुल्क दोगुना तथा आवेदन शुल्क तिगुना कर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर सीधा आर्थिक बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि बच्चों की पढ़ाई के लिए घरों की गुल्लक तोड़कर सरकार की तिजोरी भरनी पड़ रही है। यह फैसला शिक्षा को उसके अधिकार से हटाकर व्यापार बनाने वाला है। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों तथा मध्यम वर्ग के छात्रों पर पड़ेगा, जो शिक्षा के इस बढ़ते बोझ को उठाने में सक्षम नहीं होंगे।
शुल्क वृद्धि के खिलाफ जनव्यापी विरोध
युवा कांग्रेस द्वारा किया गया यह प्रदर्शन शिक्षा के अधिकार को संरक्षित रखने और इसे सभी के लिए सुलभ बनाए रखने की मांग को रेखांकित करता है। फीस में इस अप्रत्याशित वृद्धि को छात्रों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ विरोध जारी रहेगा जब तक कि छात्रों के हित में उचित कदम नहीं उठाए जाते।