कोंडागांव जिले में अवैध लकड़ी परिवहन को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। बीती रात टाटा मिनी ट्रक क्रमांक CG27R3479 को मसोरा तिराहे के पास पेट्रोल पंप से लगभग 200 मीटर पहले वन विभाग की टीम ने जांच के लिए रोका। कार्रवाई कोंडागांव रेंज ऑफिसर प्रतीक वर्मा द्वारा सूचना के आधार पर शुरू की गई।
मामला मुलमुला रेंज के अंतर्गत आने के कारण संबंधित बीट गार्ड राकेश बैरागी और पारेश्वर नायक को मौके पर भेजा गया। जांच और पूछताछ के दौरान पता चला कि लकड़ी का परिवहन कुम्हारपारा निवासी जूही तिवारी द्वारा कराया जा रहा था।
बीट गार्डों ने जब जूही तिवारी से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि लकड़ी परिवहन की अनुमति उन्होंने करीब एक वर्ष पहले एसडीएम कार्यालय से ली थी। साथ ही उन्होंने कहा कि वे गृह मंत्री के कार्यक्रम में जगदलपुर गई हुई हैं और अगले दिन सुबह कोंडागांव पहुंचकर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करेंगी।
बताया जा रहा है कि जूही तिवारी के आश्वासन के बाद वन विभाग की टीम वहां से लौट गई और आगे की कार्रवाई अगले दिन करने की बात कही गई। हालांकि इसी बीच रात करीब 2 से 4 बजे के बीच लकड़ी से भरी ट्रक को मौके से हटा दिया गया, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े होने लगे हैं। इधर मुलमुला वन परिक्षेत्र अधिकारी धीरेन्द्र मिश्रा ने बताया कि जूही तिवारी को नोटिस जारी कर दिया गया है तथा मामले की जांच जारी है।
वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भाजपा और वन विभाग को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने भाजयुमो कन्या शक्ति की संयोजिका जूही तिवारी और प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधते हुए अवैध कटाई और लकड़ी परिवहन पर जवाब मांगा है। कांग्रेस का आरोप है कि पहले भी वन कटाई और अवैध परिवहन के मामलों में ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से वन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।