राजनांदगांव में शहर के राजीव नगर, ममता नगर और अन्य वार्डों में पिछले करीब 15 दिनों से गंदे पानी और पानी में कीड़े मिलने की शिकायतें आ रही हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है और जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि निगम क्षेत्र के कुछ वार्डों में लगातार पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जलप्रदाय और टेक्निकल टीमें समस्या की तह तक पहुंचने के लिए लगातार दौरा कर रही हैं।
टंकियों की सफाई और पाइपलाइन की जांच जारी
नगर निगम की टीमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की टंकियों की सफाई करा रही हैं। साथ ही, पाइपलाइन में लीकेज का पता लगाने के लिए उसकी भी गहन जांच की जा रही है। आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में समस्या का समाधान कर लिया गया है और टीमें अभी भी भ्रमण पर हैं। किसी भी तकनीकी समस्या का जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा। इसके अलावा, जल आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पीएचई (सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी) विभाग को नियमित रूप से पानी के सैंपल भेजे जा रहे हैं, ताकि रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं
जहां पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए काम चल रहा है, वहीं वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। दूषित पानी वाले क्षेत्रों में क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं और टैंकरों के माध्यम से अतिरिक्त पानी की आपूर्ति की जा रही है। महापौर मधुसूदन यादव ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। नगर निगम का पूरा अमला शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।