कोंडागांव जिले की फरसगांव पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली और उत्तरप्रदेश से संचालित एक अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने बीमा लोकपाल परिषद के नाम पर एक शिक्षक को झांसे में लेकर करीब 30 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया था। पुलिस ने लगभग तीन महीने तक तकनीकी जांच, बैंक खातों के विश्लेषण और दिल्ली में लगातार दबिश देकर इस संगठित गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
मामले की जानकारी देते हुए फरसगांव एसडीओपी अभिनव उपाध्याय ने बताया कि कोपरा बाजारपारा निवासी शिक्षक शंकरलाल राणा को बीमा लोकपाल परिषद के नाम से कॉल किया गया था। ठगों ने खुद को एजेंट बताकर कहा कि उनकी इंश्योरेंस की बड़ी राशि फंसी हुई है, जिसे प्रोसेसिंग फीस जमा करने के बाद वापस दिलाया जाएगा। आरोपियों की बातों में आकर पीड़ित ने अलग अलग बैंक खातों में कुल 29 लाख 69 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की और तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और बैंक खातों की जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। दिल्ली और उत्तरप्रदेश में करीब 10 दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड, बैंक खाते और बदली हुई आधार डिटेल्स का इस्तेमाल कर लोगों से ठगी करते थे। रकम खाते में आते ही उसे अलग अलग एटीएम से निकाल लिया जाता था ताकि कोई सुराग न मिले। मुख्य आरोपी पहले भी साइबर अपराध के मामलों में जेल जा चुका है।