बलरामपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का एक और उदाहरण सामने आया है। विकासखंड बलरामपुर के प्राथमिक शाला लेफरी में त्रैमासिक परीक्षा के पहले ही दिन शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे। निर्धारित समय सुबह 11 बजे से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन स्कूल में तैनात दोनों शिक्षक समय पर नहीं पहुंचे, जिससे छात्र-छात्राओं को परीक्षा दिए बिना लौटना पड़ा। करीब दो घंटे तक बच्चे स्कूल परिसर में बैठे इंतजार करते रहे। कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए न तो प्रश्नपत्र उपलब्ध थे, न ही कोई पर्यवेक्षक शिक्षक मौजूद था। अंततः, परेशान अभिभावकों ने पूरी स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्राथमिक शाला लेफरी में दो शिक्षक पदस्थ हैं। इसके बावजूद परीक्षा के दिन कोई शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूल नहीं पहुंचा। यह घटना शिक्षा विभाग की लापरवाही को उजागर करती है। अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं कि जब परीक्षा जैसे अहम दिन भी शिक्षक जिम्मेदारी नहीं निभा रहे, तो रोज़ाना पढ़ाई कैसी होती होगी? कई ग्रामीणों ने कहा कि यह बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है और प्रशासन को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। घटना की सूचना मिलते ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी हरिशंकर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायज़ा लिया और बताया।