छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जिलाधीश के माध्यम से राष्ट्रपति एवं भारत के न्यायाधीश के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस गंभीर समस्या पर हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है। महामहिम राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन पत्र में युवा कांग्रेस ने कहा है कि रायगढ़ जिला वर्तमान समय में औद्योगिक, वायु, जल एवं ध्वनि प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। जिले में कई उद्योग कोयला परिवहन, भारी वाहनों की आवाजाही खुले में फ्लाई एश भंडारण, पेड़ो की कटाई तथा नदियों व जलस्त्रोतों में अपशिष्ट पदार्थ छोडे़ जाने के कारण आमजन के स्वास्थ्य के अलावा पर्यावरण एवं जैव विविधता पर इसका असर पड़ रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि बढ़ते प्रदूषण के कारण दमा, एलर्जी, त्वचा रोग, नेत्र रोग तथा अन्य गंभीर बीमारियों में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। जहां प्रत्येक परिवार में किसी न किसी तरह की बीमारियां से ग्रसित हैं। खासकर छोटे बच्चों में निरंतर बीमारियां फैल रही है। रायगढ़ जिले में खदानों के विरोध में लगातार जनता अपने जल जंगल और जमीन को बचाने के लिये सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रही है परंतु सरकार पर इसका कोई फर्क नही पड़ रहा है। फर्जी तरीके से सरकार के द्वारा उद्योगपतियों का सहयोग किया जा रहा है। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष आशीष जायसवाल ने कहा कि यदि समय रहते माननीय राष्ट्रपति महोदया, एवं चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के द्वारा उक्त विषय पर हस्तक्षेप करते हुए,ठोस कदम नहीं उठाए गए तो रायगढ़ जिले में प्रदूषण का संकट और गंभीर हो जाएगा, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को भारी नुकसान होगा। ये हैं मांगें... जिले के संचालित समस्त उद्योगों की पर्यावरणीय जांच कर प्रदूषण नियंत्रण मानको का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये। उद्योगों में निरंतर विस्तार पर रोक लगाई जाये। वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी हेतु पर्याप्त संख्या में एयर क्वालिटी माॅनिटरिंग स्टेशन स्थापित किया जाये। औद्योगिक अपशिष्ट एवं घरेलू गंदे पानी को नदियों एवं जलस्त्रोता में छोड़ प्रदूषण बढ़ाया जा रहा है। इस पर कड़ाई से रोक लगे। उद्योगों से निकलने वाले जहरीले राख को परिवहन में आर्थिक बचत के लिये नदी नाले खेत खलिहान यत्र तत्र डाला जा रहा है, उस पर कड़ी कार्रवाई हो और रोक लगाई जाये।