छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों पर पत्थर मारकर उन्हें भगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो घरघोड़ा रेंज के चारमार गांव का बताया जा रहा है। इस घटना से हाथियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
वीडियो में युवा हाथियों के दल को पत्थर मारते दिख रहे हैं। आक्रोशित हाथी भी युवाओं को दौड़ाते नजर आ रहे हैं। यह घटना उसी चारमार गांव की है जहां 16 जून 2026 को एक मादा हाथी की मालगाड़ी से मौत हुई थी। हाथियों का दल इस घटना के गम में था।
छह माह में दस हाथियों की मौत
बीते छह माह में जिले में कुल 10 हाथियों की मौत हो चुकी है। इनमें नौ शावक और एक मादा हाथी शामिल हैं। इन घटनाओं के बाद भी जंगल में हाथी सुरक्षित नहीं दिख रहे हैं। युवाओं की ऐसी हरकतें अनहोनी को न्योता दे सकती हैं। इससे हाथी निगरानी की कमी भी उजागर हुई है।
बीती 14 जून की रात चारमार गांव में एक मादा हाथी रेल लाइन पार कर रही थी। वह ट्रेन की चपेट में आ गई। उसके पैर से ट्रेन की 12 बोगियां गुजरीं, जिससे रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई। वन विभाग ने रात भर उपचार किया, पर अगली सुबह उसकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद भी युवाओं द्वारा हाथियों को परेशान किया जा रहा है।
रायगढ़ जिले में 27 जनवरी 2026 से 16 जून 2026 तक दस हाथियों की मौत हुई है। 27 जनवरी को घरघोड़ा रेंज में एक शावक चट्टान में फंसकर मरा। 11 मार्च को घरघोड़ा रेंज में दो हाथी कुरकुट नदी में डूब गए। 8 मई को छाल रेंज में एक शावक घोघरा डेम में डूबा। 16 जून को घरघोड़ा रेंज के चारमार में मादा हाथी की मालगाड़ी से मौत हुई।