छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण ब्लास्ट में एक और मजदूर की मौत हो गई है। 18 अप्रैल की सुबह रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान यह मौत हुई। इस घटना में अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 10 मजदूर अभी भी उपचाराधीन हैं।
यह भीषण हादसा प्लांट के बॉयलर में अचानक विस्फोट होने से हुआ था। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि मौके पर ही पांच मजदूरों की मौत हो गई थी। तीस से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। उन्हें तत्काल रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ जिले के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान अगले दो दिनों के भीतर 20 मजदूरों ने दम तोड़ दिया था। घायलों में से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। अस्पतालों में विशेष चिकित्सा दल उनकी जान बचाने का प्रयास कर रहे थे।
मृतकों की सूची में वृद्धि
17 अप्रैल को मध्यप्रदेश के निवासी किस्मत अली की राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद 18 अप्रैल की सुबह पश्चिम बंगाल के सुब्रोतो जेना ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली। इन दो मौतों के साथ ही वेदांता पावर प्लांट हादसे में मरने वाले मजदूरों की कुल संख्या 22 हो गई है। अभी भी कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
बॉयलर में हुए विस्फोट के कारण पांच मजदूर मौके पर ही मारे गए थे। तीस से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिन्हें तुरंत अस्पतालों में पहुंचाया गया। घायलों को रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इन अस्पतालों में उपचार के दौरान अगले दो दिनों के भीतर 20 मजदूरों की मौत हो गई थी। यह आंकड़ा घटना की भयावहता को दर्शाता है।