छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कुल 117 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। सोमवार रात हाथियों के दल ने नौ किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मंगलवार सुबह जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई।
धरमजयगढ़ वन मंडल में इन दिनों 114 हाथी विचरण कर रहे हैं। इन हाथियों के दल में इकत्तीस नर, पचपन मादा और अट्ठाईस शावक शामिल हैं। धरमजयगढ़ के आमगांव में सबसे अधिक चौंतीस हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इसके अलावा, रायगढ़ वन मंडल में भी तीन हाथी विचरण कर रहे हैं। हाथी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सोमवार रात धरमजयगढ़ वन मंडल में नौ किसानों की फसलें बर्बाद हुईं। आमगांव के मेढरमार, शेरबंद, गलीमार, धौराभांठा और सिंझीझाप में नुकसान हुआ।
सीपीटी गड्ढे में गिरा शावक
छाल रेंज के गलीमार में बीत रात करीब आठ बजे एक साल का हाथी शावक सीपीटी के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गया था। वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। इस दौरान हाथियों का दल पास ही मौजूद रहा। यह घटना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी।
ग्रामीणों के अनुसार, गर्मी के दिनों में हाथियों का उत्पात बढ़ जाता है। भोजन और पानी की तलाश में हाथी अक्सर गांव के करीब पहुंच जाते हैं। वे फसलों को नुकसान पहुंचाकर वापस जंगल लौट जाते हैं। धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की बड़ी संख्या होने के कारण वन विभाग और हाथी मित्र दल ड्रोन कैमरे की मदद से उन पर नजर रख रहे हैं। हाथी प्रभावित गांवों में लोगों को जंगल न जाने की समझाइश भी दी जा रही है।