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Korba: पीएनसी कंपनी के अधिकारी पर ग्रामीणों को धमकाने का आरोप, कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने किया चक्काजाम

Thu, 18 Jun 2026 03:03 PM IST
कोरबा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

कोरबा जिले के सिंघाली भूमिगत खदान में कोयला निकासी का काम कर रही ठेका कंपनी पीएनसी के अधिकारी पर ग्रामीणों को धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। कंपनी के अधिकारी केके सिंह पर ग्रामीणों को जमीन में गाड़ देने, जान से मारने और गाली-गलौच करने का आरोप है। लिखित शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह बांकी मोंगरा डेलवाडीह मार्ग के अरदा चौक पर चक्काजाम कर दिया।

ग्रामीणों के अनुसार सिंघाली भूमिगत खदान में मशीनों के जरिए कोयला खुदाई और निकासी का काम कर रही पीएनसी कंपनी के अधिकारी केके सिंह ने ग्रामीणों को धमकाया। आरोप है कि अधिकारी ने ग्रामीणों को जमीन में गाड़ देने और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही अभद्र भाषा और गाली-गलौच भी की गई। ग्रामीणों ने कहा कि विरोध करने पर अधिकारी ने अंजाम भुगतने की धमकी दी।

ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। बावजूद इसके कंपनी के अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि रोजाना धमकी और दबाव के कारण वे परेशान हैं, लेकिन प्रशासन उनकी सुन नहीं रहा है।

कार्रवाई न होने से आक्रोशित ग्रामीण आज गुरुवार की सुबह लगभग 9 बजे से बांकी मोंगरा डेलवाडीह मार्ग अंतर्गत अरदा चौक पर सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम शुरू कर दिया। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई है। कोयला लोड ट्रक, यात्री बसें और छोटे वाहन घंटों से जाम में फंसे हुए हैं। ग्रामीण हाथों में तख्तियां लेकर कंपनी अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक आरोपी अधिकारी केके सिंह पर कार्रवाई नहीं होती और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक चक्काजाम जारी रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कंपनी के अधिकारियों पर अवैध धमकी और दबाव बनाने का केस दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।

ग्रामीणों ने बताया कि पीएनसी कंपनी के अधिकारी आए दिन खदान प्रभावित गांवों के लोगों को डराते-धमकाते रहते हैं। जमीन, मुआवजा और रोजगार को लेकर जब भी सवाल उठाए जाते हैं तो अधिकारी धमकी देकर मामला दबा देते हैं। इस बार हद तब हो गई जब जान से मारने की धमकी दी गई।

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