शहर के अप्पू गार्डन में बच्चों को गर्मी की छुट्टियों का एक खास सरप्राइज मिला। अचानक झाड़ियों के पीछे से 7 फुट लंबा गोरिल्ला बच्चों के सामने आ गया। शुरुआत में बच्चे और परिजन सहम गए, पर अगले ही पल पूरा गार्डन ठहाकों से गूंज उठा।
करीब 11 बजे गोरिल्ला के वेश में कलाकार ने 'हू-हू' की आवाज करते हुए प्रवेश किया। छोटे बच्चे डरकर अपने माता-पिता से चिपक गए और कुछ रोने भी लगे। कलाकार ने स्थिति भांपते हुए हाथ हिलाकर बच्चों का अभिवादन किया। उसने जेब से टॉफी बांटी और जमीन पर लोटकर बच्चों के साथ मस्ती करने लगा। यह देखकर बच्चों का डर तुरंत खत्म हो गया और उन्होंने 'गोरिल्ला दादा' को घेर लिया। बच्चों ने उसे केला खिलाया, कान खींचे और उसकी पीठ पर चढ़कर सवारी भी की। करीब एक घंटे तक बच्चों ने गोरिल्ला दादा के साथ रेस लगाई, लुका-छिपी खेली और डांस किया। कई परिजनों ने बच्चों की गोरिल्ला के साथ सेल्फी और वीडियो भी बनाई। कलाकार ने बच्चों को "जंगल बचाओ, जानवरों से दोस्ती करो" का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
प्रबंधन का उद्देश्य
अप्पू गार्डन प्रबंधन ने बताया कि यह सरप्राइज गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को खास अनुभव देने के लिए था। एक पेशेवर कलाकार को गोरिल्ला का वेश धारण कराकर बुलाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखना था। प्रबंधन चाहता था कि बच्चे प्रकृति और मस्ती से जुड़ें।
बच्चों और परिजनों की प्रतिक्रिया
कक्षा 3 के छात्र अंश ने कहा कि पहले उन्हें लगा कि यह सच का गोरिल्ला है। बाद में उन्हें पता चला कि यह उनका दोस्त है और उन्हें बहुत मजा आया। 4 साल की काव्या ने बताया कि उसने गोरिल्ला दादा के साथ सेल्फी ली और वह बहुत अच्छे हैं। परिजनों ने भी अप्पू गार्डन की इस अनूठी पहल की सराहना की। करीब एक घंटे बाद गोरिल्ला दादा सभी को अलविदा कहकर चले गए, पर बच्चों को ढेर सारी यादें दे गए।