मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया। जब अस्पताल के पीछे खड़ी पुरानी कबाड़ गाड़ियों में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और परिसर में धुएं का घना गुबार फैल गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
अस्पताल परिसर के पीछे लंबे समय से कई पुरानी और अनुपयोगी गाड़ियां कबाड़ के रूप में खड़ी थीं। इन्हीं वाहनों में अचानक आग भड़क उठी और कुछ ही देर में कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। आग की लपटें और धुआं दूर तक दिखाई देने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की और दमकल विभाग को सूचना दी।
दमकल की टीम मौके पर देर से पहुंची, जिससे आग तेजी से फैल गई। जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, तब तक कई वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश जारी रही।
जिस स्थान पर आग लगी, उसके पास ही डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की आवासीय कॉलोनी स्थित है। आग की लपटों को देखते हुए लोगों में चिंता बढ़ गई थी। उन्हें डर था कि कहीं आग कॉलोनी तक न पहुंच जाए। हालांकि, दमकल की टीम ने स्थिति को संभालते हुए आग को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोकने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में लंबे समय से पुरानी गाड़ियां और अन्य कबाड़ पड़ा हुआ था। इससे कई बार सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इन कबाड़ वाहनों को हटाया जाता तो ऐसी घटना की संभावना कम हो सकती थी। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन के के सहारे ने आगजनी की घटना की पुष्टि की है। प्रशासन द्वारा घटना के कारणों की जांच किए जाने की बात कही जा रही है।