चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष की शुरुआत से पहले शहर में जहां एक ओर आस्था और उत्साह का माहौल है, वहीं दूसरी ओर कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतों ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के घंटाघर मैदान और आसपास के इलाकों में के मुख्य मार्ग पर कार और बाइक सवार युवकों का हुड़दंग देखने को मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ कार सवार खुलेआम खतरनाक स्टंट करते नजर आए, जिससे वहां मौजूद लोगों की जान जोखिम में पड़ गई। वहीं वह कई बाइक सवारों ने अपने वाहनों के साइलेंसर निकालकर तेज आवाज और रफ्तार के साथ सड़कों पर दौड़ लगाई।
घंटाघर स्थित मैदान में जिस तरह से कार पर स्टंट किया जा रहा था, वह बेहद खतरनाक था। तेज रफ्तार में तीन से चार गाड़ियां थीं। जिसमें से एक कार पर कुछ लोग बैठे हुए थे और खिड़की के दरवाजे पर लटके हुए थे। रफ्तार इतनी थी कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
कोसाबाड़ी से लेकर टीपी नगर तक रैली में उत्पात मचाने वाले लोगों पर पुलिस की नजर है। जहां पुलिस ने तेज रफ्तार बाइकर्स और हुड़दंग करने वाले लोगों पर कार्यवाही की।
वहीं सीतामढ़ी से लेकर टीपी नगर तक पुलिस की बड़ी मुस्तैदी नजर आई। पुलिस रैली में शामिल युवाओं के तुम्हारा किसी तरह की घटना को अंजाम न दे। इसे देखते हुए रैली में हाथ से लोहे के चूड़े जब्त किये। जिनकी संख्या हजारों में है। ऐसे लगभग दो दर्जन से भी अधिक वाहनों को कोतवाली पुलिस ने जब्त किया है।
जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि त्योहारों के दौरान इस तरह की घटनाएं न सिर्फ आमजन की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और धार्मिक माहौल को भी प्रभावित करती हैं।