बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरिया में एक युवक की हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश गणेशराम पटेल की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अतिरिक्त लोक अभियोजक के.एन. कश्यप के अनुसार, 10 मई 2025 को गोविंद नारायण कश्यप ने बिर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई देवी प्रसाद कश्यप पर हमला हुआ था। यह हमला ग्राम सेमरिया के परी तालाब के पास पुरानी रंजिश को लेकर किया गया था। रामेश्वर कश्यप, संजीव कश्यप, दुजराम कश्यप और एक अपचारी बालक ने लोहे की छड़ और डंडों से हमला कर देवी प्रसाद को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। आरोपियों ने रास्ता रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। फिर बेरहमी से हमला किया, जिससे घायल की मौत हो गई।
मामले में बिर्रा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज किया था। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। उन्होंने अन्य साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष रखे। अभियोजन ने तर्क दिया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हत्या की नीयत से हमला किया था।
न्यायालय का फैसला
सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने फैसला सुनाया। रामेश्वर कश्यप (21 वर्ष), संजीव कश्यप (22 वर्ष) और दुजराम कश्यप (40 वर्ष) को दोषी ठहराया गया। ये सभी ग्राम सेमरिया के निवासी हैं। उन्हें भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/3(5) के तहत दंडित किया गया। न्यायालय ने आजीवन कारावास और 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी।