गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में धनतेरस के मौके पर हिन्दू धर्म में रौनक का माहौल देखने को मिलता है, लेकिन इस बार बाजार पिछले वर्षों की तुलना में काफी ठंडा नजर आ रहा है। बर्तन, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान और सराफा दुकानों में ग्राहकों की कमी साफ देखी जा रही है। व्यापारी इस समय ग्राहकों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों को खरीदारी से रोक रखा है। सराफा दुकानों में ज्यादातर लोग पुराना सोना बदलकर नया खरीद रहे हैं, जबकि चांदी की बिक्री कुछ हद तक बेहतर बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले वर्षों की तरह लोगों की जमकर खरीदी नहीं हो रही है, जिससे बाजार की रौनक कम नजर आ रही है। सरकार ने दीपावली से पहले जीएसटी दरों में बदलाव कर लोगों को बड़ी छूट दी है ताकि खरीदारी बढ़े और बाजार में हलचल आए। इसके बावजूद इलेक्ट्रॉनिक और होम अप्लायंसेज की बिक्री उम्मीद से कम रही है। जिन लोगों ने खरीदारी की, वे ज्यादातर व्यापारी या नौकरीपेशा वर्ग के हैं। आम जनता, खासकर ग्रामीण और किसान वर्ग, अब तक बाजार में ज्यादा नहीं दिखा। इसका प्रमुख कारण इस बार दीपावली का समय और धान की कटाई का तालमेल है। दीपावली पिछले वर्ष से लगभग 15 दिन पहले आ गई है, लेकिन अब तक धान की कटाई नहीं हुई है। किसानों की जेबें खाली होने की वजह से उनका खर्च कम हुआ है, जिससे त्योहारी खरीदी प्रभावित हुई है। व्यापारी उम्मीद जता रहे हैं कि जब कटाई शुरू होगी और किसान वर्ग के पास पैसे आएंगे, तब बाजार में ग्राहकी जरूर बढ़ेगी। पटाखा बाजार में भी हलचल अपेक्षित नहीं है, लेकिन व्यापारी इस बार ग्रीन पटाखों के साथ उतरे हैं। छत्तीसगढ़ में पटाखों पर कोई पाबंदी नहीं है, फिर भी व्यापारी प्रदूषण कम करने वाले पटाखों को प्राथमिकता दे रहे हैं। फिलहाल, पटाखा बाजार में हल्की-फुल्की भीड़ तो दिख रही है, लेकिन इसे पहले जैसी गुलजार स्थिति नहीं कहा जा सकता। बाजार में धीमी रौनक का असर व्यापारियों की उम्मीदों पर भी देखा जा रहा है। व्यापारी वर्ग कह रहा है कि सोने-चांदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री में वृद्धि तभी संभव है जब किसानों और ग्रामीण वर्ग की खरीदी बढ़े। वहीं होम अप्लायंसेज और बर्तन की बिक्री फिलहाल उम्मीद से कम रही है। इस बार की स्थिति ने व्यापारियों को सावधान कर दिया है और उन्हें यह एहसास कराया है कि पर्वों के दौरान ग्राहकी सिर्फ परंपरा पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आम जनता की आर्थिक स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। व्यापारियों का मानना है कि अगले 10-15 दिनों में बाजार में फिर से हलचल लौटेगी और दीपावली के समय ग्राहकी बढ़कर सामान्य स्थिति में आ जाएगी।