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दुर्ग: सांसद के निज सचिव और ठेकेदार ने किया सरेंडर, नौकरी के बहाने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप

Fri, 13 Feb 2026 05:31 PM IST
दुर्ग-भिलाई ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग

दुर्ग जिले में एक नाबालिग लड़की को नौकरी दिलाने का झांसा देकर सात साल से सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में दुर्ग सांसद के निजी सचिव और पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने सोमवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें से चार को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।

पीड़िता की मां की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने अपनी मां के साथ महिला थाने पहुंचकर छह लोगों के खिलाफ गैंगरेप की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी विभाग में संविदा पर नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपियों ने वर्ष 2018 से 2023 तक उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पूर्व में पुलिस होटल सागर के मैनेजर विजय स्वाइन, पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार अनिल चौधरी, पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड कर्मचारी गोविंद सिंह नागवंशी और पीडब्ल्यूडी के टाइम कीपर राजू कश्यप उर्फ कृपा शंकर कश्यप को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

नौकरी का सब्जबाग दिखाकर अंजाम देते थे वारदात
आरोपी राजू कश्यप ने पहले पीड़िता की मां को नौकरी दिलाई थी। इसके बाद पीड़िता के काम पर जाने के दौरान आरोपी दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देते थे। जब पीड़िता बालिग हुई, तो मुख्य आरोपी राजू कश्यप ने उसे नौकरी लगाने का लालच देकर दुर्ग सांसद के निजी सचिव भीम नारायण पांडेय से मिलवाया और उसकी नौकरी लगवाई। इसके बाद, भीम नारायण पांडेय और ठेकेदार संजय पंडित ने पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस और निजी होटलों में पीड़िता से बारी-बारी से दुष्कर्म किया। ठेकेदार संजय पंडित इन वारदातों के लिए रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस की व्यवस्था करता था। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी, भीम नारायण पांडेय और संजय पंडित, घटना के बाद से फरार चल रहे थे।

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