सर्व हिन्दू समाज संस्था का शनिवार को शपथ ग्रहण समारोह हुआ। नवनियुक्त अध्यक्ष महेश रोहरा, सचिव अशोक पवार, उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह छाबड़ा सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ लिया। शपथ ग्रहण के बाद विशिष्ट अतिथि डॉ रोशन उपाध्याय ने हिन्दुत्व व सनातन धर्म पर अपनी बात रखी। डॉ उपाध्याय ने कहा कि हिन्दू दो शब्दों से बना है। हि और इन्दू। हि से हिमालय और इंदू से इंदू सरोवर। इसका विस्तार उत्तर में हिमालय से दक्षिण में हिंद महासागर तक है। इस भू-भाग को हिन्दुस्तान कहते हैं और यहां रहने वाले लोगों को हिन्दू कहते हैं, चाहे वह किसी भी वर्ण, भाषा, जात-पात का हो। शास्त्र के अनुसार गौ की रक्षा जिस समाज में होती है वे हिन्दू हैं। जिस समाज के लोगों का पुर्नजन्म के प्रति अपार आस्था और इस गौरवशाली परंपरा को मानते हैं ऐसे लोग हिन्दू हैं। साथ ही जिनकी परिभाषा का मूलमंत्र ओंकार है, गौ को मां का दर्जा मिलता है, जो हिंसा से दूर रहते हैं, ऐसे लोग हिन्दू कहलाते हैं। भारत की भूमि ऐसी है जिसकी देवता भी स्वर्ग से भूरी-भूरी प्रशंसा करते हैं। भारत स्वर्ग, मोक्ष को प्रदान करने वाला देश है। बांकी अन्य 200 से अधिक देश सभी भोग भूमि है। हिन्दुत्व का भाव या विचार रखने वाले हिन्दू व सनातनी कहलाते हैं। हिन्दू कोई भौगोलिक क्षेत्र का नाम नहीं, यह सांस्कृतिक विचारधारा है। यहां के लोग दैवीय परंपरा को मानते हैं। इसके साथ ही अमेरिका सहित नासा के वैज्ञानिक भी हिन्दू धर्म से प्रभावित हुए। हिन्दू धर्म की जो काल गणना है इसका कोई तोड़ नहीं है। वैज्ञानिक भी इस गणना को मानते हैं। सनातन के सभी समाज मूल रूप से राम-कृष्ण, भगवती, महादेव एवं उनकी परंपरा से ही जुड़े हैं, इसलिए दिखने में अलग प्रतीत होते हुए भी मूलत: सभी एक हैं। सर्वसमाज के नवनियुक्त अध्यक्ष महेश रोहरा ने कहा कि कंधों के ऊपर छाती नहीं होती, धर्म के ऊपर जाति नहीं होती। हमें भी अब जागना है और हम सबको मिलकर जात-पात, ऊंच-नीच की विदाई करनी है। सनातन धर्म के लिए सभी को एक होना है। हिन्दू राष्ट्र की मांग हुई है। हिन्दू राष्ट्र के लिए जो अलख जगी है उसका सम्मान करेंगे। जल्द ही शहर के सभी 40 वार्डों में जाएंगे। भेदभाव को मिटाने का प्रयास करेंगे, जो समस्या है उसे दूर करेंगे। प्रशिक्षण शिविर लगाकर जागरूक करेंगे। युवा और महिलाओं की अलग-अलग टीम बनाएंगे। सचिव अशोक पवार ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि हमें हिन्दुत्व की रक्षा के लिए तन-मन-धन से जुडऩा है। हिन्दू एक सांस्कृतिक विचारधारा है, जो हिन्दू धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देती है। यह विचारधारा राष्ट्रवाद पर आधारित है।